सतना के ‘स्पार्टन’ ने खोला 14 वन्यजीवों के सामूहिक शिकार का राज
चीतल-सांभर हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

सतना। कटनी जिले में वन्यजीवों के अवैध शिकार के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा सतना वन विभाग के डॉग स्क्वॉड ने कर दिखाया। सतना के प्रशिक्षित डॉग स्पार्टन की सूंघने की क्षमता और सटीक ट्रैकिंग के चलते कटनी जिले के विजयराघवगढ़ वन परिक्षेत्र में 14 वन्यजीवों के सामूहिक शिकार का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कटनी वन विभाग को सूचना मिली थी कि वनमंडल कटनी के विजयराघवगढ़ परिक्षेत्र की कांटी सर्किल अंतर्गत पुरैनी बीट के आरएफ-62 क्षेत्र में वन्यजीवों का अवैध शिकार किया गया है। सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस और स्थानीय वन अमला मौके पर पहुंचा। जांच के दौरान एक तालाब के आसपास जहां वन्यजीव पानी पीने आते हैं वहां 12 चीतल और 2 सांभर मृत अवस्था में मिले। घटनास्थल पर वन्यजीवों को घसीटने के निशान भी पाए गए। मृत वन्यजीवों में 10 मादा चीतल, 2 नर चीतल, एक नर सांभर और एक मादा सांभर शामिल हैं।
आरोपी के घर तक पहुंचा स्पार्टन
मामले की गंभीरता को देखते हुए सतना वन विभाग के डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया। घटनास्थल पर मिले शराब के क्वार्टर और खून से सने कागज की गंध डॉग स्पार्टन को सूंघाई गई। इसके बाद स्पार्टन करीब 500 मीटर दूर घुघरी गांव तक पहुंचा और एक आम के पेड़ के पास रुक गया। वहां से मिले दूसरे सुराग के आधार पर स्पार्टन सीधे एक संदिग्ध के घर तक पहुंच गया। तलाशी के दौरान वहां से खून और बाल लगे बांका, कुल्हाड़ी, छुरी, मांस काटने का लकड़ी का पाटा, जीआई तार, जाल, फंदे, तराजू-बांट और खून से सनी बोरी बरामद की गई। इसके बाद स्पार्टन की मदद से ग्राम बरहा से दुर्गेश केवट और ग्राम दरौंडी से आल्हा पराधी को भी चिन्हित कर पकड़ा गया।
वन विभाग ने इस मामले में सुरेश चौधरी 44 वर्ष, दुर्गेश केवट 53 वर्ष और आल्हा पराधी 41 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस पूरे मामले में सतना के डॉग स्पार्टन की भूमिका सबसे अहम रही। जिन सुरागों के आधार पर आरोपी तक पहुंचना मुश्किल माना जा रहा था उन्हें स्पार्टन ने अपनी सूंघने की क्षमता से जोड़ते हुए जांच टीम को सीधे आरोपियों तक पहुंचा दिया।



