मध्य प्रदेशसतना

20 हजार की रिश्वत नहीं दी तो कागजों में बना दिया गरीब का पक्का घर…

सतना। प्रधानमंत्री भरसक कोशिश कर रहे हैं कि हर गरीब को पक्का आवास मिले। इसके लिए हर साल अरबों रुपए की राशि मंजूर हो रही है, लेकिन पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों के निजी स्वार्थ में महत्वपूर्ण योजना भलीभूत नहीं हो पा रही। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में हो रही गड़बड़ी का एक मामला रामपुर बाघेलान विकासखंड की ग्राम पंचायत बीदा सेमरा से सामने आया है। यहां पर पात्र हितग्राही ने सरपंच, सचिव और जीआरसी को 20 हजार रुपए नहीं दिए तो उन्होंने दो कमरों के पक्के मकान का मालिक बताते हुए अपात्र दर्ज कर दिया। पीडि़त ने जब इस मामले की सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई तब अधिकारियों ने घर का जायजा लिया। अधिकारी गांव में उसका पक्का घर ढूंढ़ते रहे, लेकिन वह कहीं नजर नहीं आया।

बताया जाता है कि ग्राम पंचायत बीदा (सेमरा) निवासी शिवप्रसाद पटेल को सत्र 2024-25 में आवास के लिए पात्र बताया गया। इसके बाद उससे 20 हजार रुपए की मांग की जाने लगी। जब उसने मामले की शिकायत 38925785 सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कराई तब निराकरण के नाम पर अधिकारियों ने मौखिक कथन पर  हितग्राही के पास 2 कमरों का पक्का मकान बताते हुए अपात्र घोषित कर शिकायत को बंद कर दिया गया।
जब गांव पहुंचे पीसीओ
पात्र को अपात्र बनाने के खेल की शिकायत जब वरिष्ठ अधिकारियों के पास पहुंची तब जांच के लिए पीसीओ ऋषि पाण्डेय सचिव और जीआरएस को लेकर गांव पहुंचे। काफी प्रयास के बाद उन्हें पक्का घर नहीं मिला तब उन्होंने खपरैल वाले कच्चे घर पर बैठकर अपनी रिपोर्ट तैयार की। अब शिवप्रसाद के साथ हुए धोखे की कलई अधिकारी के सामने खुल चुकी थी तो एक जैसे दो नामों की आड़ ली जा रही है। इसके अलावा दबी जुवान कहा जा रहा है कि वह ट्रैक्टर का मालिक है। इस मामले में पंचायत सचिव रामनरेश पांडेय, रोजगार सहायक महेश त्रिपाठी और पीसीओ ऋषि पाण्डेय पर फर्जी रिपोर्ट लगाने के आरोप लगे हैं। हालांकि जांच में भी यही लोग पहुंचे।
दर्जनों लोगों को किया अपात्र
बीदा सेमरा का मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार  ऐसे 20 से अधिक गरीब परिवार हैं जिन्हें इसी तरह कागजों में अपात्र घोषित कर योजना से वंचित कर दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारी 15 वर्षो से एक ही पंचायत में जमे हुए हैं, जिसके कारण भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला और लाभ अपने रिश्तेदारों एवं परिचितों तक सीमित रखा गया। यही नहीं कई अपात्रों को पात्र बनाकर लाभ दिया गया है। यदि पंचायत में योजना प्रारंभ से जांच कराई जाए तो बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा होने की उम्मीद है।
इनका कहना है
मामला सामने आने के बाद तत्काल मौके का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट प्राप्त होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। किसी भी पात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
सुश्री रश्मि पाण्डेय , सीईओ रामपुर बाघेलान जनपद

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