पं. द्वारिका प्रसाद मिश्र का व्यक्तित्व और कतित्व योगदान सदैव रहेगा प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पं. द्वारिका प्रसाद मिश्र का व्यक्तित्व और कतित्व योगदान सदैव रहेगा प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. मिश्र की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन
भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मध्यप्रदेश विधानसभा के सेंट्रल हॉल में प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री पंडित द्वारिका प्रसाद मिश्र की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, आयुक्त जनसम्पर्क मनीष सिंह, विधायकगण, मप्र विधानसभा के अधिकारी-कर्मचारी एवं स्व. मिश्र के परिजन भी उपस्थित थे।
पुष्पांजलि कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वर्गीय पं. द्वारिका प्रसाद मिश्र एक निर्भीक राजनेता के साथ उत्कृष्ट साहित्यकार, लेखक और राष्ट्रभक्त भी थे। प्रदेश के विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में उनका योगदान अविस्मरणीय है। वे सदैव हम सबकी स्मृतियों और प्रेरणा के केंद्र में रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पं. द्वारिका प्रसाद मिश्र का आदर्श जीवन, राष्ट्रसेवा, बौद्धिक नेतृत्व और जनकल्याण के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
उल्लेखनीय है कि पंडित द्वारिका प्रसाद मिश्र का जन्म 5 अगस्त 1901 को हुआ था। उन्होंने रायपुर, जबलपुर और इलाहाबाद में शिक्षा प्राप्त की तथा स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 1921 के असहयोग आंदोलन में वे गिरफ्तार हुए । इसके साथ अन्य आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए कई बार जेल भी गए। वे प्रखर पत्रकार, साहित्यकार तथा जननेता के रूप में विख्यात रहे। पं. मिश्र ने वर्ष 1963 से 1967 तथा पुनः मार्च 1967 से जुलाई 1967 तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने प्रदेश का नेतृत्व किया। स्थानीय प्रशासन को सशक्त बनाने, प्रशासनिक सुधारों और जनहितकारी नीतियों के लिए उन्हें विशेष रूप से याद किया जाता है।



