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पुलिस की निष्क्रियता बनी चोरों की ताकत, एक माह में दूसरी बार गाजीपुर माता मंदिर से 22 किलो चांदी ले उड़े बदमाश

पहली चोरी का खुलासा नहीं, दूसरी वारदात से शर्मसार हुई सुरक्षा व्यवस्था

सतना। जिले में मंदिरों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की लापरवाही एक बार फिर उजागर हो गई। सिंहपुर थाना क्षेत्र के शिवराजपुर से करीब चार किलोमीटर दूर स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र गाजीपुर माता मंदिर में एक माह के भीतर दूसरी बार चोरी की वारदात हो गई। इस बार चोरों ने केवल चोरी ही नहीं की, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था को भी ठेस पहुंचाई। गर्भगृह में रखे चांदी जड़ित सिंहासन को पूरी तरह चकनाचूर कर दिया और उसमें मढ़ी करीब 22 किलोग्राम चांदी उखाड़कर फरार हो गए। चोरी गई चांदी की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।

गुरुवार सुबह जब पुजारी और ग्रामीण मंदिर पहुंचे तो गर्भगृह का नजारा देखकर स्तब्ध रह गए। माता का सिंहासन टूटा पड़ा था और उस पर लगी पूरी चांदी गायब थी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसी मंदिर में 2-3 जून की रात भी चोरी हुई थी। उस समय चोर सिंहासन की सीढ़ियों से करीब 3 किलो चांदी उखाड़कर ले गए थे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, फिंगर प्रिंट टीम बुलवाई, तकनीकी जांच के बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन एक महीने बाद भी न तो आरोपी पकड़े गए और न ही चोरी का खुलासा हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहली चोरी का समय रहते खुलासा हो जाता और मंदिर की सुरक्षा बढ़ाई जाती तो दूसरी और कहीं बड़ी वारदात नहीं होती। पुलिस की निष्क्रियता का फायदा उठाकर वही गिरोह दोबारा मंदिर पहुंचा और इस बार पूरी तैयारी के साथ बची हुई चांदी भी उखाड़ ले गया।

घटना स्थल का वीडियो

 

गर्भगृह में घुसकर आस्था का किया अपमान
चोरों ने मंदिर के सबसे पवित्र स्थान गर्भगृह में घुसकर सिंहासन को तोड़ डाला। औजारों की मदद से सिंहासन पर जड़ी पूरी चांदी उखाड़ी गई। जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे साफ है कि बदमाश पूरी तैयारी के साथ आए थे और उन्हें इस बात का भरोसा था कि उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है।

ग्रामीण रिपोर्ट लिखाने पहुंचे, पुलिस ने नहीं की एफआईआर दर्ज
वारदात के बाद ग्रामीण सिंहपुर थाने पहुंचे, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने नई एफआईआर दर्ज करने से ही इनकार कर दिया। थाना प्रभारी पंकज शुक्ला ने ग्रामीणों से कहा कि पहले दर्ज चोरी के मामले में ही इस घटना को जोड़ दिया जाएगा, अलग से एफआईआर दर्ज करने की आवश्यकता नहीं है। पुलिस के इस रवैये से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जब एक नई और बड़ी चोरी हुई है तो अलग अपराध दर्ज होना चाहिए था, लेकिन पुलिस शुरुआत से ही मामले को हल्के में लेने का प्रयास कर रही है।

मुंबई के कारोबारी ने भेंट किया था 25 किलो चांदी का सिंहासन
जानकारी के अनुसार, मंदिर का चांदी जड़ित सिंहासन करीब दो वर्ष पहले मुंबई के कारोबारी रुद्र उरमलिया, जो मूल रूप से शिवराजपुर के निवासी हैं, ने भेंट किया था। सिंहासन को मुंबई में विशेष रूप से चांदी मढ़वाकर नक्काशी के साथ तैयार कराया गया था। पहले 3 किलो और अब करीब 22 किलो चांदी चोरी होने के बाद सिंहासन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है।

एक माह में कई मंदिरों को निशाना
जिले में बीते एक माह के दौरान पांच से छह बड़े मंदिरों में चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद पुलिस किसी भी बड़े गिरोह तक नहीं पहुंच सकी है। लगातार हो रही वारदातों ने मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहली चोरी के बाद पुलिस ने जांच, फिंगर प्रिंट और तकनीकी साक्ष्य जुटाने की बातें जरूर की थीं, लेकिन परिणाम शून्य रहा। इसी का नतीजा है कि चोर बेखौफ होकर दोबारा उसी मंदिर में पहुंचे और लाखों रुपये की चांदी लेकर फरार हो गए।

क्या बोली पुलिस?
सिंहपुर थाना प्रभारी पंकज शुक्ला ने बताया कि मंदिर एकांत क्षेत्र में स्थित है। वहां दोबारा चोरी हुई है। फरियादी से जानकारी ली जा रही है कि क्या-क्या सामान चोरी हुआ है। चोरी गए माल की कीमत का अभी आकलन नहीं किया गया है। वहीं नई एफआईआर दर्ज करने के बजाय पहले से दर्ज प्रकरण में ही इस घटना को जोड़ने की बात कही गई है।

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