भ्रष्टाचार और पक्षपात के खिलाफ धरने पर बैठे जिला पंचायत सदस्य
सीईओ- कलेक्टर को आवेदन देकर लगाए गंभीर आरोप

सतना। जिला पंचायत सतना में डीएमएफ मद, 15वें एवं 5वें वित्त आयोग की राशि के वितरण में अनियमितताओं और पक्षपात के गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर ,मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को एक ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पिछले चार वर्षों में विभिन्न मदों की राशि का वितरण निष्पक्ष तरीके से नहीं किया गया, जिससे कई जिला पंचायत सदस्यों के क्षेत्रों में विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हुए हैं। नाराजगी जताते हुए कई सदस्य जिला पंचायत में धरने पर बैठ गए।
ज्ञापन में कहा गया है कि कुछ सदस्यों के क्षेत्रों में करोड़ों रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए, जबकि कई निर्वाचित सदस्यों को उनके प्रस्तावों के अनुरूप एक भी कार्य नहीं मिला। वार्ड क्रमांक 8 में लगभग 52 लाख रुपये के कार्य स्वीकृत होने का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया कि वार्ड 19 सहित कुछ अन्य क्षेत्रों की पूरी तरह उपेक्षा की गई। साथ ही यह भी कहा गया कि अध्यक्ष द्वारा सदस्यों की अनुशंसित योजनाओं के बजाय अन्य माध्यमों से आए कार्यों को प्राथमिकता दी गई।
ज्ञापन में यह भी आरोप है कि डीएमएफ मद की जानकारी मांगने पर पूरी सूची उपलब्ध नहीं कराई गई और आधी सूची ही दी गई। कई सदस्यों को आज तक यह जानकारी नहीं है कि डीएमएफ, गौण खनिज या 15वें वित्त आयोग की मद से उनके क्षेत्र में कितनी राशि स्वीकृत हुई। शिकायतकर्ताओं ने सामान्य सम्मिलन की बैठकों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सदस्यों की राय को महत्व नहीं दिया जाता तथा एजेंडे में उनकी समस्याओं को शामिल नहीं किया जाता। ज्ञापन में बजट वितरण में पक्षपात, विभिन्न पंचायतों में विकास कार्यों की अनदेखी, गौशाला और मत्स्य विभाग से जुड़े कार्यों में भी अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
ज्ञापन के माध्यम से सीईओ से पूरे चार वर्षों के कार्यों की निष्पक्ष समीक्षा, सभी मदों में स्वीकृत एवं व्यय की गई राशि का सार्वजनिक विवरण जारी करने तथा कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।



