
सतना। स्मार्ट सिटी सतना में मूलभूत नागरिक सुविधाओं की लगातार बिगड़ती स्थिति को लेकर विंध्य चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने नगर निगम आयुक्त शेर सिंह मीणा को 14 सूत्रीय विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। अध्यक्ष सतीश सुखेजा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में शहर की जर्जर सड़कें, जलभराव, अव्यवस्थित यातायात, सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। व्यापारियों ने आंदोलन के दौरान एक पोस्टर लहराया जिसमें कुम्भकर्ण से जागने की अपील गई।
ज्ञापन में कहा गया है कि शहर के प्रमुख बाजारों की सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। घटिया निर्माण और समय पर मरम्मत नहीं होने से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। चेंबर ने गुणवत्ता के साथ तत्काल सड़क निर्माण कराने और निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। आंदोलन के दौरान भाषा की मर्यादा भी टूटी। चेंबर के पूर्व मंत्री हरिओम गुप्ता ने आपत्ति जनक शब्द का इस्तेमाल किया।
जलभराव की समस्या से जूझ रहे
व्यापारियों ने जलभराव को सबसे बड़ी समस्या बताते हुए नालियों की विशेष सफाई, उचित ढाल के साथ निर्माण तथा वर्षा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की। आरोप लगाया गया कि कई स्थानों पर पहले सड़कें बना दी गईं और बाद में नालियों की खुदाई कर दी गई, जिससे सरकारी धन की बर्बादी हुई। ज्ञापन में शहर की पार्किंग व्यवस्था, अतिक्रमण हटाने, मुख्य बाजारों में सुचारु यातायात, खराब एवं बंद स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने, आवारा मवेशियों से मुक्ति, नियमित सफाई और कचरा प्रबंधन में सुधार की भी मांग की गई है। इसके अलावा पेयजल आपूर्ति को नियमित करने, सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई, उद्यानों के रखरखाव और स्मार्ट सिटी के अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर भी जोर दिया गया।
दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
चेंबर ने कहा कि शहर में अनेक निर्माण कार्य बिना समुचित योजना के किए जा रहे हैं, जिससे जनता को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है। नागरिक सुविधाओं की अनदेखी से व्यापार भी प्रभावित हो रहा है और आम लोगों का जीवन कठिन हो गया है।विंध्य चेंबर ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि ज्ञापन में शामिल सभी 14 बिंदुओं पर समयबद्ध कार्रवाई की जाए तथा संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की जाए। व्यापारिक संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो व्यापारी एवं नागरिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।



