हत्या की घटनाओं के बाद बिगौड़ी में शुरू हुआ पीड़ितों का पलायन, घरों की दीवारों पर लिखा… घर छोड़ने को मजबूर

सतना। मैहर के ताला थाना क्षेत्र के बिगौड़ी गांव में भैयालाल कोल की हत्या के बाद एक बार फिर गांव के माहौल को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। 16 सितंबर की रात हुई हत्या के मामले में पुलिस ने अफसर खान, इस्माइल उर्फ पप्पू खान और अजमेर खान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। लेकिन दहशत अब भी कायम है। एक के बाद एक तीन लोगों की हत्या की घटना के बाद गाँव में पलायन का सिलसिला शुरू हो गया है। मुस्लिम समाज के लोगों का आतंक इतना है कि यहां रहने वाले तमाम हिंदू अपना घर छोड़ने के लिए विवश हैं। जान बचाने के लिए कई आदिवासी परिवार दीवारों में अपना दर्द लिख चुके हैं।
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार भैयालाल कोल को कुएं के पास बुलाया गया था। वहां उसके साथ मारपीट और गला दबाने के बाद शव कुएं में फेंके जाने की बात सामने आई । मामले में कार्रवाई के बाद भी ग्रामीणों के एक वर्ग में भय और असुरक्षा की चर्चा है।
पहले भी हत्या के बाद बिगड़ा था माहौल
बिगौड़ी में वर्ष 2025 में शिवनारायण तिवारी की हत्या के बाद भी तनाव की स्थिति बनी थी। उस दौरान महापंचायत और आगजनी की घटना सामने आई थी। मृतक के परिजन आरोपियों के घर को गिराने की मांग भी करते रहे थे। अब दोबारा हत्या की घटना के बाद पुराने घटनाक्रम की चर्चा फिर शुरू हो गई है।
दीवारों पर लिखा अपना दर्द
ग्रामीणों के अनुसार हत्या के बाद कुछ परिवारों ने अपने घरों के बाहर ‘घर बिकाऊ है’ लिख दिया है। उनका आरोप है कि लगातार हो रही घटनाओं और कथित धमकियों के कारण वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कुछ परिवार गांव छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच से होना बाकी है।
सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
ग्रामीणों की मांग है कि हत्या की निष्पक्ष जांच के साथ गांव में सुरक्षा का भरोसा कायम किया जाए। पुलिस ने तीन आरोपियों की गिरफ्तारी कर कार्रवाई की है और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लोगों को समझाइश दी जा रही है। अब प्रशासन के सामने चुनौती ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना बहाल करने की है।
लक्ष्मीकांत द्विवेदी, हिंदू नेता:
“बिगौड़ी में लगातार घटनाओं के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। प्रशासन को निष्पक्ष जांच के साथ लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।”
राकेश सिंह, हिंदू नेता:
“हत्या की घटनाओं के बाद यदि परिवार अपने घरों पर ‘घर बिकाऊ है’ लिखने को मजबूर हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है। गांव में कानून-व्यवस्था का भरोसा मजबूत होना चाहिए।”
बूटी बाई, मृतक की पत्नी:
“मेरे पति की हत्या से परिवार टूट गया है। हम चाहते हैं कि मामले की पूरी जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के साथ परिवार को सुरक्षा मिले।”
ललिता कोल, मृतक की मां:
“बेटे की हत्या के बाद परिवार में डर का माहौल है। प्रशासन से हमारी मांग है कि हमें सुरक्षा मिले और मामले में न्याय हो।”



