पद्मश्री डॉ. बी.के. जैन को मरणोपरांत मिला लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
विजन-2020 ने नेत्र चिकित्सा में पांच दशक के योगदान को सराहा, हर साल उनके नाम से दिया जाएगा मेमोरियल अवॉर्ड

सतना। दुनिया से विदा होने के बाद भी पद्मश्री डॉ. बी.के. जैन का योगदान देश-दुनिया में सम्मानित हो रहा है। जिले के चित्रकूट स्थित सदगुरु नेत्र चिकित्सालय, जानकीकुंड के पूर्व ट्रस्टी एवं निदेशक रहे स्व. डॉ. बी.के. जैन को 12 जुलाई को विजन-2020 द राइट टू साइट इंडिया ने मरणोपरांत लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया। यह सम्मान बेंगलुरु स्थित शंकरा आई हॉस्पिटल में आयोजित समारोह में दिया गया, जहां देश-विदेश की करीब 180 स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।
डॉ. जैन का 27 फरवरी 2026 को निधन हो गया था। उनके स्थान पर यह सम्मान उनके पुत्र एवं सदगुरु नेत्र चिकित्सालय के ट्रस्टी-निदेशक डॉ. इलेश जैन ने ग्रहण किया। संस्था ने डॉ. जैन को नेत्र चिकित्सा और सामुदायिक नेत्र सेवा के क्षेत्र में पांच दशक से अधिक समय तक दिए गए असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किया। इस मौके पर डॉ. इलेश जैन ने कहा कि यह पल पूरे परिवार और सदगुरु संस्थान के लिए भावुक करने वाला था। सम्मान की घोषणा के दौरान समारोह में मौजूद लोगों ने खड़े होकर स्व. डॉ. बी.के. जैन को श्रद्धांजलि दी और कई लोगों की आंखें नम हो गईं।समारोह में यह भी घोषणा की गई कि अब हर वर्ष पद्मश्री डॉ. बी.के. जैन मेमोरियल अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन कम्युनिटी आई केयर प्रदान किया जाएगा।
यह पुरस्कार उन व्यक्तियों और संस्थाओं को दिया जाएगा, जो ग्रामीण, गरीब और वंचित समुदायों तक गुणवत्तापूर्ण नेत्र सेवाएं पहुंचाने में उल्लेखनीय नेतृत्व, नवाचार और समर्पण का परिचय देंगे।
डॉ. इलेश जैन ने बताया कि उनके पिता पुरस्कारों को कभी अपनी सफलता का पैमाना नहीं मानते थे। उनके लिए मरीजों की आंखों की रोशनी लौटना और चेहरे की मुस्कान ही सबसे बड़ा सम्मान था। उन्होंने यह सम्मान सभी नेत्र रोगियों, विंध्यवासियों और सदगुरु परिवार के प्रत्येक सदस्य को समर्पित किया।



