ग्रीन लैंड दरकिनार, मौलवी नगर पर मेहरबान नगर सरकार…

सतना। नगर निगम के वार्ड क्रमांक 35 स्थित मौलवी नगर में 38.14 लाख रुपये की लागत से पुल और सीसी रोड निर्माण का भूमिपूजन होने के बाद निर्माण की वैधता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि जिस क्षेत्र में निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है, वह ग्रीन जोन में आता है। ऐसे में यहां आवासीय और व्यावसायिक निर्माण की अनुमति तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की गाइडलाइन के पालन को लेकर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
नगर निगम ने हाल ही में यहां 17 लाख रुपये की लागत से पुल और 21.14 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्पीकर ने की। निगम प्रशासन ने इन कार्यों का उद्देश्य क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बढ़ाना बताया है। हालांकि, प्रस्तावित निर्माण स्थल की स्थिति को लेकर आपत्तियां सामने आई हैं।
नाले के किनारे निर्माण को किसने दी अनुमति
मौलवी नगर का संबंधित क्षेत्र नाले के किनारे स्थित है। इसके सामने नजीराबाद का श्मशान घाट बताया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि यदि यह क्षेत्र ग्रीन जोन के रूप में अधिसूचित है, तो यहां निर्माण कार्यों की स्वीकृति किस आधार पर किसके द्वारा दी गई? आरोप है कि निर्माण के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से अनुमति लेने और एनजीटी के दिशा-निर्देशों के पालन की स्थिति स्पष्ट नहीं है। फिर भी निर्माण की तैयारी है। क्या किसी चहेते को उपकृत करने के लिए नियमों को धता बताकर काम कराया जा रहा है।
पहले चिन्हित हुए थे अवैध निर्माण
गौरतलब है कि पिछले दिनों इसी नाले के सीमांकन में कथित अवैध निर्माणों को चिन्हित किए जाने की बात सामने आई थी। अब उसी क्षेत्र में सड़क और पुल निर्माण की पहल से सवाल उठ रहे हैं कि क्या इससे नाले के किनारे हुए अतिक्रमण को बढ़ावा मिलेगा? हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी स्थिति
ग्रीन जोन की अधिसूचना, निर्माण स्थल की सीमा, स्वीकृति संबंधी दस्तावेज और एनजीटी के लागू दिशा-निर्देशों की जांच जरूरी है। नगर निगम और संबंधित नियोजन अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही निर्माण की वैधता तथा पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



