चैंबर चुनाव में रिकार्ड तोड़ 95.42 प्रतिशत मतदान, मुकाबले कड़े और रोचक होने का अनुमान…

सतना। विंध्य चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री सतना के वर्ष 2026 के चुनाव में व्यापारियों ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाते हुए मतदान का नया इतिहास रच दिया। कुल 1,662 मतदाताओं में से 1,586 व्यापारियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिससे मतदान प्रतिशत 95.42 रहा। यह पिछले तीन दशकों में सबसे अधिक मतदान है और चेंबर के चुनावी इतिहास का नया रिकॉर्ड बन गया। वर्ष 2022 के चुनाव में 1,696 मतदाताओं में से केवल 1,126 ने मतदान किया था, जो 66.39 प्रतिशत था। इस बार मतदान में 460 वोटों की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि मतदान प्रतिशत में 29.03 प्रतिशत का उछाल आया। पिछले चुनाव में 570 मतदाता मतदान से दूर रहे थे, जबकि इस बार केवल 76 व्यापारी ही मतदान नहीं कर सके।

बूथवार मतदान के आंकड़ों में बूथ क्रमांक-1 सबसे आगे रहा, जहां 611 मत पड़े। बूथ क्रमांक-2 पर 527 और बूथ क्रमांक-3 पर 448 मत डाले गए। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही व्यापारियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं और पूरे दिन मतदान को लेकर उत्साह बना रहा। चुनाव को लेकर व्यापारियों में इस बार विशेष उत्सुकता रही क्योंकि अध्यक्ष सहित सभी प्रमुख पदों पर कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। अध्यक्ष पद के लिए पांच प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें सिंधी समाज से सतीश सुखेजा और मनोहर डिगवानी, वैश्य समाज से अशोक अग्रवाल, जैन समाज से संदीप जैन तथा पंजाबी समाज से राजेश खत्री चुनाव लड़ रहे हैं। व्यापारिक और सामाजिक समीकरणों के साथ विभिन्न समाजों के मतदाताओं की भूमिका भी इस चुनाव में अहम मानी जा रही है। चुनावी आंकड़ों के अनुसार सिंधी समाज के 515 मतदाता सबसे अधिक हैं, जबकि अग्रवाल और गुप्ता समाज के संयुक्त रूप से 412 मतदाता हैं। इसके अलावा ब्राह्मण, जैन, मारवाड़ी, पंजाबी, क्षत्रिय, गुजराती, सोनी तथा अन्य समाजों के मतदाता भी निर्णायक भूमिका में हैं। चेंबर सूत्रों के अनुसार सभी प्रमुख पदों पर कांटे की टक्कर होने के कारण व्यापारियों ने एक-एक वोट को महत्वपूर्ण समझते हुए रिकॉर्ड संख्या में मतदान किया। मतदान संपन्न होने के बाद अब सभी 1,586 मतपत्रों की गणना 29 जून को होगी। रिकॉर्ड मतदान के बाद अध्यक्ष, महामंत्री, कोषाध्यक्ष सहित सभी पदों के परिणामों को लेकर व्यापारिक जगत में उत्सुकता चरम पर है।
सतीश का पैनल
अध्यक्ष-सतीश सुखेजा
वरिष्ठ उपाध्यक्ष- मनोहर वाधवानी
महामंत्री-हरिओम गुप्ता
कनिष्ठ उपाध्यक्ष-दीपक अग्रवाल
मंत्री- अमित चमडिय़ा
सहमंत्री -हिमांशु सिंह अरोड़ा
कोषाध्यक्ष-अमित अग्रवाल
मनोहर का पैनल
अध्यक्ष-मनोहर डिगवानी
वरिष्ठ उपाध्यक्ष- कैलाश अग्रवाल
महामंत्री-मनोज कटारे
कनिष्ठ उपाध्यक्ष-अभिषेक जैन
मंत्री- मनोज अरोड़ा
सहमंत्री -रोहित अग्रवाल
कोषाध्यक्ष-कमल पुरूस्वानी
किसकी क्या खासियत…
सतीश सुखेजा:
सिंधी समाज का चर्चित और दबंग चेहरा। बस ऑपरेटरों में एक चर्चित नाम। इसके अलावा सत्तारुढ़ दल भाजपा से जुड़े हैं ऐसे में राजनीतिक दांव-पेंच की खासी समझ रखते हैं जो चुनाव में काफी मददगार साबित हो सकती है।
मनोहर डिगवानी:
सिंधी समाज से आते हैं और बड़े व्यवसाई हैं, व्यवसाय से ज्यादा इन्हें पूरे शहर में समाजसेवी के तौर पर ही पहचाना जाता है। अमर ज्योति संस्था के लिए काम करते हुए करीब 900 से अधिक नेत्रदान और 85 देहदान के संकल्प पत्र इन्हीं की प्रेरणा से भरे गए।
अशोक अग्रवाल:
वैश्य समाज के बीच खास पकड़ रखते हैं। मैरिज गार्डन व्यवसाय के कारण समाज में खास छवि है। जरूरतमंद लोगों की मदद से लिए हर दम तैयार रहते हैं।
संदीप जैन:
जैन समाज विशुद्ध तौर पर व्यापार पर ध्यान देता है, लेकिन संदीप जैन ने अपनी एक अलग छवि बनाकर रखी है। अपनी सरल, सहज और ईमानदार छवि के चलते समझ के सभी तबकों में अच्छी पैठ रखते हैं। मुद्दों पर मुखर होकर बोलने की कला इन्हें लोगों के बीच लोक प्रिय बनाए हुए है।
राजेश खत्री: चैंबर अध्यक्ष पद में सबसे देर से इन्होंने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की।पंजाबी समाज से ताल्लुकात रखने वाले राजेश खत्री इलेक्ट्रिकल व्यवसाय से जुड़े हैं और इन्होंने बिना किसी पैनल के अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है।



