चेक बाउंस केस में पूर्व मंत्री सईद अहमद को कोर्ट से झटका…
छह प्रतिशत ब्याज के साथ लौटने होंगे कर्ज के दस लाख रुपये

सतना। चेक बाउंस केस में अदालत ने पूर्व मंत्री सईद अहमद को कोर्ट ने तगड़ा झटका दिया है।करीब 10 साल पुराने कर्ज को नहीं चुकाने पर अदालत ने छह प्रतिशत वार्षिक ब्याजदर के साथ रकम लौटाने को कहा है। दस लाख रुपये के कर्ज की राशि वापस नहीं मिलने के मामले में सतना के प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड प्रवीण कुमार सोंधिया की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
उल्लेखनीय है कि अदालत ने वादिनी कुसुम जैन के पक्ष में निर्णय देते हुए प्रतिवादी सईद अहमद और उनकी फर्म सतना बीड़ी लीव्स ट्रेडर्स से दस लाख रुपये की मूल राशि ब्याज सहित वसूलने का आदेश दिया है। हालांकि, वादिनी की ओर से मांगे गए 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के बजाय अदालत ने वाद प्रस्तुत करने की तारीख से वसूली होने तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का निर्देश दिया है। निर्णय 5 अक्टूबर 2026 को घोषित किया गया।
व्यावसायिक जरूरत के लिए ली थी रकम
प्रकरण के अनुसार, कुसुम जैन ने अपने पति डॉ. राजेश जैन के माध्यम से अदालत में वाद प्रस्तुत किया था। उनका कहना था कि प्रतिवादी सईद अहमद के परिवार का उनके पति के नर्सिंग होम में इलाज होता था, जिसके कारण दोनों पक्षों के बीच परिचय था। इसी संबंध के आधार पर सईद अहमद ने वर्ष 2015 में व्यावसायिक आवश्यकता बताते हुए दस लाख रुपये की मांग की थी। वादिनी के अनुसार, उन्हें यह राशि दी गई थी और इसके बदले प्रतिवादी ने 16 सितंबर 2016 को इलाहाबाद बैंक, सतना शाखा का दस लाख रुपये का चेक दिया था।
प्रतिवादी ने किया था भुगतान का दावा
प्रतिवादी पक्ष ने अदालत में दलील दी कि रकम दलाल के माध्यम से एक प्रतिशत मासिक ब्याज पर उधार ली गई थी और चेक जारी करने से पहले ही नकद भुगतान कर दिया गया था। प्रतिवादी ने वाद को निराधार बताते हुए खारिज करने की मांग की थी। अदालत ने दोनों पक्षों के दस्तावेजों और साक्ष्यों का परीक्षण किया। न्यायालय ने माना कि दस लाख रुपये की राशि उधार दी गई थी और प्रतिवादी द्वारा जारी चेक का भुगतान नहीं हुआ। अदालत ने वाद को समय-सीमा के भीतर प्रस्तुत माना। इसके बाद वादिनी का दावा स्वीकार करते हुए दस लाख रुपये पर वाद प्रस्तुत करने की तारीख से वसूली तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का आदेश पारित किया। साथ ही, दोनों पक्षों को अपने-अपने वाद व्यय वहन करने के निर्देश दिए गए।
अक्सर विवादों में रहे पूर्व मंत्री
पूर्व मंत्री सईद अहमद के खिलाफ अदालत का फैसला आया है। इससे पहले भी चेक बाउंस केस में वर्ष 2023 में सजा सुनाई थी। अदालत ने एक साल की सजा और 2000 का जुर्माना लगाया था। पूर्व मंत्री ने 12 लाख 87 हजार 596 रुपए का चेक दिया था जो बाउंस हुआ था। जिसके बाद पार्टनर शैलेश त्रिपाठी ने कोर्ट में केस किया था। इसी तरह से पूर्व मंत्री की स्कूल में हिंदू धर्म के छात्रों को प्रवेश नहीं देने पर भी विवाद हुआ था।



