राजनीतिक

Gadar-2 के हिट होने से फिर से चमकेगा सनी देओल का राजनीतिक भविष्य?

गुरदारसपुर
अभिनेता सनी देओल की फिल्म गदर-2 ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रखा है. कमाई के मामले में फिल्म तमाम रिकॉर्ड तोड़ रही है. गदर-2 2001 में आई गदर फिल्म का रीमेक है. 23 साल पहले की तरह ही लोगों का सनी देओल के प्रति जबरदस्त क्रेज नजर आ रहा है. फिल्म हाउस फुल चल रही है. भारत-पाकिस्तान के मुद्दे पर बनी फिल्म ऐसे वक्त पर आई, जब 2024 में लोकसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में सनी देओल के लिए गदर-2 न सिर्फ फिल्मी करियर के लिए बल्कि पॉलिटिकल करियर के लिए भी हिट साबित हो सकती है.

सनी देओल अभी पंजाब के गुरदारसपुर से सांसद हैं. वे 2019 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे. पार्टी ने उन्हें गुरदासपुर से लोकसभा टिकट दिया. सनी देओल ने यहां से कांग्रेस के मौजूदा सांसद सुनील कुमार जाखड़ को मात दी.

सनी देओल के गुमशुदगी के लगते रहे पोस्टर

सनी देओल ने भले ही गुरदासपुर से सुनील कुमार जाखड़ को हराकर संसद में पहली बार कदम रखा हो. लेकिन वे अपने संसदीय क्षेत्र में कम ही नजर आते हैं. यही वजह है कि स्थानीय लोग उनसे नाराज बताए जा रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सनी देओल पिछले 3 साल यानी 2020 से गुरदासपुर नहीं गए हैं. इतना ही नहीं हाल ही में सनी देओल गदर-2 के प्रमोशन के दौरान वाघा-अटारी बॉर्डर पर तो गए, लेकिन गुरदासपुर नहीं पहुंचे. जबकि गुरदासपुर वाघा अटारी बॉर्डर से काफी करीब है. इतना ही नहीं सनी देओल के विरोधी क्षेत्र में उनके गुमशुदगी के भी पोस्टर लगाते रहे हैं.

सनी ने जिसे दी मात, उन्होंने थामा बीजेपी का हाथ

इतना ही नहीं सनी देओल ने 2019 में जिन सुनील जाखड़ को मात दी थी, वे अब बीजेपी में शामिल हो चुके हैं. इतना ही नहीं सुनील जाखड़ को लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने बड़ी जिम्मेदारी देते हुए पंजाब का प्रदेश अध्यक्ष भी बनाया है. ऐसे में बीजेपी गुरदासपुर से देओल और जाखड़ में किसे चुनाव मैदान में उतारती है, यह भी देखना दिलचस्प होगा.

गुरदासपुर में फिल्मी चेहरों पर दांव लगाती रही बीजेपी

पंजाब की गुरदासपुर ऐसी सीट है, जहां बीजेपी फिल्मी चेहरों पर दांव लगाती रही है. काफी हद तक बीजेपी की ये रणनीति सफल होती भी दिखी. सनी देओल ने पहले बीजेपी ने विनोद खन्ना को इस सीट से टिकट दिया. विनोद खन्ना 1998, 1999, 2004 और 2014 में इस सीट से जीत हासिल की. वे यहां से सिर्फ 2009 लोकसभा चुनाव में हारे.

स्लॉग ओवर में सनी देओल की वापसी

सनी देओल को करीब एक दशक से सुपर हिट फिल्म का इंतजार था. उन्होंने इससे पहले 2007 में 'अपने' और 2011 में 'यमला पगला दीवाना' जैसी सुपरहिट फिल्में दी थीं. इन दोनों फिल्मों में उनके पिता धर्मेंद्र और भाई बॉबी देओल ने भी अहम भूमिका निभाई थी. इसके बाद से सनी देओल ने कई बार पर्दे पर वापसी की कोशिश की, लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिली. ऐसे में अब सनी देओल ने लंबे अरसे बाद गदर-2 से धमाल मचाया है. खास बात ये है कि देशभक्ति और भारत-पाकिस्तान के मुद्दे पर बनी यह फिल्म ऐसे वक्त पर आई, जब लोकसभा चुनाव का काउंट डाउन शुरू हो चुका है. ऐसे में सनी देओल की गदर-2 उनके सियासी कमबैक में अहम साबित हो सकती है.

क्या सनी देओल को फिर से मौका दे सकती है बीजेपी?

सनी इंडस्ट्री के वो एक्टर हैं, जो ज्यादातर देशभक्ति से प्रेरित फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं. ऐसे में वे कहीं न कहीं बीजेपी की 'राष्ट्रवादी छवि' में फिट बैठते हैं. इतना ही नहीं 2014 और 2019 लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद पंजाब में बीजेपी खास नहीं कर पाई. दोनों चुनावों में बीजेपी को राज्य की 13 सीटों में से 2-2 पर ही जीत हासिल की. दोनों बार बीजेपी गुरदासपुर सीट पर जीत हासिल करने में सफल रही. वह भी 'फिल्मी चेहरे' के दम पर. ऐसे में एक बार फिर इस सीट पर ज्यादा प्रयोग न करते हुए बीजेपी सनी देओल को उतार सकती है.

 

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