जबलपुरमध्य प्रदेश

MP में आइसक्रीम पर बड़ा खुलासा: दो ब्रांड के चार फ्लेवर जांच में फेल

छिंदवाड़ा

कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ है कि अब खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट में टॉप एंड टाउन ब्रांड और हैवमोर ब्रांड की आइसक्रीम अमानक पाई गई। टॉप एंड टाउन के 3 फ्लेवर और हैवमोर की अल्फोंसो मैंगो फ्लेवर आइसक्रीम अमानक पाई गई है। संपूर्ण प्रदेश में 'मिलावट से मुक्ति' अभियान चलाया जा रहा है। वर्तमान ग्रीष्म ऋतु में आइसक्रीम एवं कोल्डड्रिंक की अत्यधिक खपत होती है। खास तौर पर बच्चे आइसक्रीम का अधिकतम उपयोग करते हैं।

छिंदवाड़ा खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई और सैंपलिंग

ऐसे में आमजन को बिना मिलावट के आइसक्रीम उपलब्ध हो सके, इस बात की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग छिंदवाड़ा द्वारा शहर के प्रमुख एवं छोटे-बड़े सभी आइसक्रीम विक्रेताओं से आइसक्रीम के नमूने संग्रहीत कर जांच के लिए लैब भेजे जाते हैं। लिहाजा विभिन्न ब्रांड्स के आइसक्रीम के नमूने पिछले कुछ महीनों में विभाग द्वारा लिए गए थे, जिसमें खाद्य सुरक्षा अधिकारी गोपेश मिश्रा द्वारा शहर में बिक रहे सभी ब्रांड्स के साथ-साथ टॉप एंड टाउन ब्रांड के मुख्य वितरणकर्ता 'जानहवी फूड्स' सिवनी रोड से और हैवमोर ब्रांड के मुख्य वितरणकर्ता 'सरकार डिस्ट्रीब्यूटर्स' से इन दोनों ही ब्रांड की विभिन्न फ्लेवर्स की आइसक्रीम के नमूने जांच हेतु लिए गए थे।

लैब रिपोर्ट में टॉप एंड टाउन और हैवमोर के नमूने अमानक

राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट्स के अनुसार टॉप एंड टाउन के 3 फ्लेवर- मैंगो, बटर स्कॉच, वनीला और हैवमोर की अल्फोंसो मैंगो फ्लेवर आइसक्रीम अमानक पाई गई है। उपरोक्त मामले में रिपोर्ट्स आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग छिंदवाड़ा द्वारा दोनों ही वितरणकर्ताओं और इन आइसक्रीम के निर्माणकर्ता फर्म को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 46(4) का नोटिस दिया है। इसके अनुसार वितरणकर्ताओं और निर्माणकर्ता फर्म को विभाग में उपलब्ध नमूने के अन्य भागों को केंद्रीय खाद्य जांच प्रयोगशाला भेजकर जांच कराने का अधिकार होता है।
नोटिस अवधि के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा चालान

आगे खाद्य सुरक्षा विभाग छिंदवाड़ा द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अनुसार नोटिस अवधि के पश्चात जांच के अनुसार दोषियों पर नियमानुसार चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

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