राजनीतिक

आंसुओं और खुशियों के बीच सुनेत्रा पवार का राजतिलक, बनी महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री

मुंबई 
एनसीपी (अजित गुट) की विधायक दल बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए सुनेत्रा पवार को पार्टी का नया विधायक दल नेता चुन लिया गया है. इस फैसले के साथ ही उनके आज ही महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने का रास्ता साफ हो गया है. बैठक से पहले ही संकेत मिल गए थे. पार्टी नेता दिलीप वलसे ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे पार्टी के अन्य नेताओं ने समर्थन दिया.

सुनेत्रा पवार राज्यसभा सांसद के रूप में विधान भवन पहुंची थीं, जहां सर्वसम्मति से उन्हें पार्टी का नेता बनाए जाने का फैसला लिया गया. इससे पहले एनसीपी नेताओं ने दिवंगत अजित पवार को श्रद्धांजलि दी. पार्टी नेताओं के मुताबिक यह फैसला संगठन और राज्य की राजनीति के लिए निर्णायक माना जा रहा है.

NCP मर्जर की खबरों के बीच इसलिए लिया फैसला

राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा पवार को उनके पति एवं दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के तीन दिन बाद शनिवार (31 जनवरी) को महाराष्ट्र में सर्वसम्मति से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक दल की नेता चुना गया। इसके बाद सुनेत्रा पवार को आज (31 जनवरी) राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। इससे पहले NCP विधायक दल की नेता के रूप में सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव वरिष्ठ नेता दिलीप वालसे पाटिल ने किया। जबकि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने इसका समर्थन किया।

बारामती में 28 जनवरी को हुई एक विमान दुर्घटना में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली 'महायुति' सरकार में उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रहे अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई। बैठक के दौरान सुनेत्रा पवार ने अपने दिवंगत पति की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। उनके छोटे बेटे जय भी इस अवसर पर मौजूद थे। विधान भवन परिसर में प्रवेश करते समय कई मंत्री और विधायक भावुक दिखाई दिए।

लोक भवन ने पुष्टि की है कि सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण समारोह मुंबई में शाम पांच बजे आयोजित किया गया। सुनेत्रा पवार ने साल 2024 में बारामती से लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। उन्हें अपनी ननद और NCP (SP) की मौजूदा सांसद सुप्रिया सुले से पराजय का सामना करना पड़ा था। इसके बाद सुनेत्रा पवार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुईं।

डिप्टी सीएम बनने का फैसला क्यों लिया?

कुछ लोग जल्दबाजी में डिप्टी सीएम बनने के पीछे की वजह को लेकर हैरान हैं। पार्टी सूत्रों ने News18 को बताया कि सुनेत्रा पवार शुरुआत में इसके लिए तैयार नहीं थीं। लेकिन पार्टी की भलाई और अजित पवार के विजन को आगे बढ़ाने के लिए NCP वफादारों की राय पर विचार करने के बाद भारी मन से वह सहमत हुईं। देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली 'महायुति' सरकार में उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रहे अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती में एक विमान दुर्घटना में चार अन्य लोगों के साथ मौत हो गई थी।

NCP सूत्रों के अनुसार, डिप्टी CM अजित पवार की मौत के बाद सुनेत्रा को लगा कि पार्टी प्रमुख के तौर पर अपने पति के विजन को आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है। सूत्रों ने कहा, "जब अजित पवार ने बगावत की, तो वह अकेले थे… सुनेत्रा पवार ने एक पत्नी के तौर पर उस पार्टी की रक्षा करना अपना कर्तव्य समझा, जिसे अजित पवार ने सालों की कड़ी मेहनत से बनाया था। दुख की घड़ी में भी, उन्हें लगा कि अपने पति के काम को आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है।"

अजित पवार ने NCP को दो गुटों में बांट दिया था। एक गुट यानी असली NCP अजित पवार का है। जबकि दूसरा NCP (SP) उनके चाचा शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले के नेतृत्व में है। इसके बाद वह BJP-शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो गए। जबकि SP गुट शिवसेना UBT और कांग्रेस के साथ विपक्ष में रहा।

 

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