डालमिया सीमेंट कंपनी से रंगदारी वसूलने पहुंचे गुंडे, कर्मचारियों से की मारपीट

रीवा। जेपी नगर स्थित डालमिया भारत सीमेंट लिमिटेड के कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और ब्लैकमेलिंग कर पैसे वसूलने का मामला सामने आया है। कंपनी की ओर से पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर ग्राम नौवस्ता निवासी गोविन्द पाण्डेय, संदीप पाण्डेय सहित अन्य लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित लोग आए दिन कंपनी के कर्मचारियों को परेशान करते हैं और उनकी मांगें नहीं मानने पर जान से मारने अथवा झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी देते हैं।
माइंस क्षेत्र में पहुंचकर काम बंद कराने का आरोप
शिकायत के अनुसार, जेपी नगर स्थित कंपनी में हजारों कर्मचारी कार्यरत हैं। कंपनी की अधिग्रहीत भूमि पर चूना-पत्थर उत्खनन का काम भी होता है। आरोप है कि संबंधित लोग माइंस क्षेत्र में पहुंचकर उत्खनन कार्य बंद करा देते हैं तथा कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों के साथ अभद्रता व मारपीट करते हैं। इससे कंपनी परिसर और आसपास के खनन क्षेत्रों में भय तथा अशांति का वातावरण निर्मित होने की बात कही गई है।
संरक्षित क्षेत्र के आदेश की अवहेलना का दावा
शिकायत में कलेक्टर न्यायालय रीवा के प्रकरण क्रमांक 23/174/मूल/2016-17 में 30 अक्टूबर 2017 को पारित आदेश का उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार, ग्राम नौवस्ता, गढ़वा, अतरौली, कचूर, जोन्ही, कौआढान और छिजवार में स्थित कंपनी के माइंस क्षेत्र तथा प्लांट एरिया को मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 26 के तहत निषिद्ध संरक्षित क्षेत्र घोषित किए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद संबंधित लोग प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश कर अशांति फैलाते हैं।
आरोपियों का है आपराधिक रिकॉर्ड
आवेदन में बताया गया है कि 1 सितंबर 2019 को भी प्लांट परिसर के अंदर और बाहर अशांति फैलाने के मामले में थाना चोरहटा में इस्तगासा क्रमांक 19/2019 के तहत धारा 151 और 107/116(3) के अंतर्गत कार्रवाई की गई थी। इसके अलावा चौकी नौवस्ता में अपराध क्रमांक 067/19 के तहत विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज होने का उल्लेख भी किया गया है।शिकायतकर्ता ने इन घटनाओं और पूर्व प्रकरणों का हवाला देते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 सहित लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने तथा कंपनी के कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है।



