नर्मदा जल ‘नायक’ पूर्व विधायक रामप्रताप सिंह का निधन
बरगी नहर परियोजना को धरातल में उतारने के लिए याद किए जाएंगे पूर्व विधायक रामप्रताप सिंह

सतना। नागौद विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक चुने गए पूर्व विधायक रामप्रताप सिंह नहीं रहे। 80 साल की आयु में वे दुनिया को अलविदा कहकर चले गए। लेकिन उन्होंने ओझल होने से पहले अपनी अमिट छाप छोड़ी। उन्हें हमेशा नर्मदा जल के ‘नायक’ के तौर पर याद किया जाएगा। दरअसल जिले के किसानों के लिए बरगी नहर परियोजना लंबे समय तक दिवा स्वप्न बनी रही। नर्मदा का पानी जिले तक पहुंचाने की उम्मीद कागजों और सरकारी दफ्तरों के बीच अटकी रही। ऐसे समय में पूर्व विधायक रामप्रताप सिंह ने किसानों की आवाज बनकर इस मुद्दे को आंदोलन का रूप दिया। सतना को नर्मदा का पानी दिलाने के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया। आज स्थिति यह है कि टनल का काम पूरा हो चुका है। अब केवल नहरों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
बरगी नहर परियोजना को लेकर किसानों की आवाज बने
रामप्रताप सिंह ने सतना जिले में नर्मदा का पानी लाने की मांग को लेकर लंबे समय तक संघर्ष किया। बरगी नहर परियोजना में हो रही देरी के खिलाफ उन्होंने किसानों और क्षेत्रवासियों को एकजुट कर आंदोलन खड़ा किया। उनके समर्थकों के अनुसार, सतना तक नर्मदा जल पहुंचाने और स्लिमाबाद टनल के निर्माण की दिशा में उनके आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। नर्मदा जल का मुद्दा उनके सार्वजनिक जीवन की प्रमुख पहचान बन गया था। क्षेत्र के लोग उनके इस संघर्ष को याद करते हुए उन्हें सतना के किसानों की आवाज के रूप में श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
कैंसर से पीड़ित थे पूर्व विधायक
रामप्रताप सिंह का सोमवार शाम दिल्ली में 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। लंबे समय से कैंसर से पीड़ित रामप्रताप सिंह का दिल्ली के राजीव गांधी कैंसर रिसर्च सेंटर में उपचार चल रहा था।मंगलवार सुबह करीब 8 बजे उनकी पार्थिव देह सतना के धवारी स्थित निज निवास पहुंची। अंतिम दर्शन के लिए यहां बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और समर्थक पहुंचे। सांसद गणेश सिंह, नागौद विधायक नागेंद्र सिंह, चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार, विधायक विक्रम सिंह और महापौर योगेश ताम्रकार सहित अन्य लोगों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। लोगों ने उनके सार्वजनिक जीवन और क्षेत्र के लिए किए गए कार्यों को याद किया।अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के बाद पार्थिव देह अंतिम संस्कार के लिए प्रयागराज रवाना की गई। यहां उनके बेटे और जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष गगनेंद्र प्रताप सिंह मुखाग्नि देंगे।
दो बार कांग्रेस से एक बार निर्दलीय विधायक बने
रामप्रताप सिंह ने नागौद विधानसभा क्षेत्र का तीन बार प्रतिनिधित्व किया। वे 1985 और 1990 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए। इसके बाद 1998 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतकर तीसरी बार विधानसभा पहुंचे।



