भीड़ तंत्र के आगे झुक गए पुलिस अधीक्षक !
हिस्ट्रीशीटर राहुल हत्याकांड: सिंहपुर थाना से हटाए गए निरीक्षक, करीब 28 घंटे तक पुलिस अधीक्षक कार्यालय को घेरकर रखा

सतना। जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर राहुल सिंह टीकर हत्याकांड में अंततः कानून व्यवस्था पर भीड़तंत्र भारी पड़ा। करीब 28 घंटे तक चले आंदोलन के दबाव में सिंहपुर थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज शुक्ला को हटा दिया गया। अब वह सिंहपुर की जगह जैतवारा थाना में सेवाएं देंगे। यह बदलाव ऐसे समय हुआ जब हत्याकांड के दो मुख्य आरोपियों को पुलिस घटना के कुछ ही समय बाद गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी और मामले की आगे की जांच के लिए एसआईटी का गठन भी किया जा चुका था। उल्लेखनीय है कि राहुल सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने सियाशरण दाहिया और अश्वनी दाहिया को गिरफ्तार किया था। दोनों को न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया गया है।
क्या थी मांग
परिजनों और संगठन की ओर से यह मांग रखी गई थी कि सिंहपुर थाना प्रभारी को हटाया जाए। वहीं घटना में शामिल आरोपियों पर कार्रवाई की जाए। इन्हीं दो प्रमुख मांग को लेकर एसपी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया था। मंगलवार से शुरू हुआ यह प्रदर्शन करीब 28 घंटे तक चला। प्रदर्शनकारियों ने कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की मांग भी उठाई थी।
पहले ही गठित हो चुकी थी एसआईटी
खास बात यह है कि परिजनों और संगठन की मांग पर एसपी हंसराज सिंह ने मामले की जांच के लिए एसडीओपी नागौद रघु केसरी की अगुवाई में एसआईटी गठित कर दी थी। यानी अन्य लोगों की भूमिका और तकनीकी साक्ष्यों की जांच के लिए पुलिस स्तर पर जांच का रास्ता पहले ही खोल दिया गया था। इसके बावजूद थाना प्रभारी को हटाने की मांग पर प्रदर्शन जारी रहा। अब थाना प्रभारी को हटाए जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या किसी गंभीर आपराधिक मामले में पुलिस की जांच प्रक्रिया को सड़क पर होने वाले आंदोलन के दबाव से प्रभावित होना चाहिए?
राहुल सिंह पर दर्ज हैं कई संगीन अपराध
इस पूरे घटनाक्रम का एक पहलू यह भी है। पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर राहुल सिंह के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह पुलिस कर्मचारियों के मनोबल के साथ अन्याय नहीं है? बिना किसी साक्ष्य के थाना प्रभारी का स्थानांतरण कहां तक उचित है। ज्ञात हो कि अब सिंहपुर थाना से पंकज शुक्ला को हटा कर रैगांव थाना के प्रभारी विशन सिंह मरावी को जिम्मा सौंपा गया है।
ये रही हिस्ट्रीशीटर राहुल सिंह के अपराधों की सूची



