जबलपुरमध्य प्रदेश

कटनी हत्याकांड में SIT की जांच तेज, जेल में आरोपियों के बयान दर्ज; सौदेबाजी की पड़ताल जारी

कटनी

कटनी में हत्या के एक मामले में सौदेबाजी के गंभीर आरोपों की जांच महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है। सोमवार को जबलपुर से कटनी पहुंची विशेष जांच टीम (SIT) ने जिला जेल में बंद मुख्य आरोपियों से घंटों पूछताछ की।

जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) अंजना तिवारी के नेतृत्व में SIT ने न्यायालय की अनुमति के बाद हत्या के आरोपी आकाश लोधी और रमेश लोधी के बयान दर्ज किए। जांच टीम अब इन बयानों का मिलान प्रकरण में सामने आए आरोपों, उपलब्ध दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों से करेगी। वहीं नेहा पच्चीसिया की अग्रमी जमानत पर भी आज सुनवाई होने जा रही है।

SIT की मौजूदगी में पच्चीसिया के कार्यालय खोला जाएगा
इस बीच, पिछले चार दिनों से सीलबंद तत्कालीन नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया के कार्यालय को SIT की मौजूदगी में मंगलवार को खोला जाएगा। जांच टीम कार्यालय में रखीं फाइलों, रजिस्टरों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स की गहनता से जांच करेगी। SIT यह पता लगाएगी कि हत्या प्रकरण या कथित जमीन सौदे से जुड़ा कोई पत्राचार या विभागीय रिकॉर्ड वहां मौजूद है या नहीं। संदिग्ध सामग्री मिलने पर उसे जब्त कर विवेचना में शामिल किया जाएगा।

मामले में सीसीटीवी फुटेज को एक निर्णायक साक्ष्य माना जा रहा है। SIT संबंधित स्थानों और कार्यालयों के फुटेज जुटाकर संदिग्धों की आवाजाही और मुलाकातों का ब्योरा खंगाल रही है। इन वीडियो साक्ष्यों को गवाहों के बयानों से मिलाकर एक सटीक टाइमलाइन तैयार की जाएगी, ताकि दावों के मुताबिक मुलाकातें और गतिविधियां सत्यापित की जा सकें।

चालान पेश नहीं करने पर मिली थी आरोपी को बेल
हत्या के आरोपियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर न्यायालय में चालान पेश न होने के कारण मिली डिफॉल्ट बेल जांच का केंद्रीय बिंदु है। SIT इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि चालान तैयार होने के बावजूद उसे अदालत में समय पर पेश न करने के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और क्या यह किसी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था।

जमीन सौदे से जुड़े नामांतरण रिकॉर्ड, रजिस्ट्री, भुगतान के तरीके और इसमें शामिल पक्षों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह स्पष्ट करना चाहती है कि जमीन का सौदा किन परिस्थितियों में तय हुआ, रकम का लेन-देन किस माध्यम से किया गया और इसमें किन मध्यस्थों की भूमिका रही। ​गवाहों से दोबारा होगी तीखी पूछताछ जेल में दर्ज बयानों के आधार पर SIT अब पूर्व में बयान दे चुके गवाहों को दोबारा समन भेजने की तैयारी में है। अलग-अलग गवाहों द्वारा जमीन सौदे, नामांतरण और पुलिस की विभागीय कार्रवाई को लेकर दिए गए बयानों के अंतर (विरोधाभास) को तलाशा जाएगा।

अग्रिम जमानत पर आज आ सकता है फैसला ​मामले की मुख्य संदेही तत्कालीन CSP नेहा पच्चीसिया और उनके करीबी बताए जा रहे क्षितिजराज बारापात्रे की अग्रिम जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई टल गई। सुनवाई के दौरान जेल में बंद हत्या के आरोपियों की ओर से अधिवक्ता अविनीश तिवारी ने मेमो के जरिए न्यायालय में पेश होकर अपना पक्ष रखने की अनुमति मांगी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। ​अब सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत मंगलवार को अग्रिम जमानत याचिका पर अपना अहम फैसला सुना सकती है।

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