भोपालमध्य प्रदेश

माफिया की शिकायत करने पहुंची आदिवासी महिला को कटनी पुलिस ने बेरहमी से पीटा..

कटनी। प्रदेश सरकार आदिवासी समाज उत्थान और महिलाओं के सशक्तिकरण का दावा करती है,लेकिन पुलिस थानों में यह दावे दम तोड़ देते हैं। महिला पर अत्याचार की बेहद दर्दनाक कहानी मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बरही थाना क्षेत्र से सामने आई है। पुलिस ने शराब माफिया को संरक्षित करने के लिए महिला पर बेइंतहा अत्याचार किया।बरही थाना प्रभारी अरविंद कुमार चौबे, एसडीओपी वीरेंद्र सिंह धारवे सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने पीड़ित महिला को हाथ पैर बांध कर बेदम पीटा। दरअसल आदिवासी महिला के ससुर की संदिग्ध मौत हुई। मामले में न्याय की गुहार लगाने पर एसडीओपी, थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे थाने में बुलाकर बेरहमी से पीटा तथा दबाव बनाकर मनचाहा बयान देने के लिए मजबूर किया। अब पीड़िता ने 21 जुलाई को पुनः पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर दोषी पुलिस अधिकारियों और हत्या के संदेहियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

आवेदन के अनुसार, बरही थाना क्षेत्र के झिरिया बैकोना टोला निवासी ऊषा बाई भूमिया पति कोमल भूमिया ने बताया कि उनके ससुर चुंदुल भूमिया परंपरागत रूप से पण्डा का कार्य करते थे। हर वर्ष की तरह 27 जून को वे गांव से चंदा एकत्र करने के बाद पूजा के लिए शराब खरीदने रमेश बर्मन के घर गए थे। आरोप है कि वहां उन्हें एसिड पिलाया गया, जिसके बाद उन्हें अचेत अवस्था में घर पहुंचाया गया। गंभीर हालत में उनका विभिन्न अस्पतालों में उपचार चला, लेकिन 10 जुलाई को उनकी मौत हो गई।परिजनों का कहना है कि मामले में दो बार पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने मुख्य संदेही रमेश बर्मन और गोपी बर्मन के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की। जब परिवार ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की तो स्थानीय पुलिस अधिकारियों का रवैया बदल गया।

महिला ने आरोप लगाया कि बरही थाना प्रभारी अरविंद कुमार चौबे, एसडीओपी वीरेंद्र सिंह धारवे तथा अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे थाने बुलाया, जहां हाथ-पैर बांधकर उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। उसके अनुसार मारपीट के कारण शरीर, विशेषकर कूल्हे (हिप) पर गंभीर चोटों के निशान हैं और उसका चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया है।

ससुर की मौत का जिम्मा लेने का बना रहे हैं दबाव

महिला का आरोप है कि पुलिस ने उस पर झूठा बयान देने का दबाव भी बनाया। पीड़िता ने अपने आवेदन में चेतावनी दी है कि यदि उसके साथ भविष्य में कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित थाना प्रभारी और एसडीओपी की होगी। उसने स्वयं को आदिवासी समाज से जुड़ा बताते हुए आरोप लगाया कि पुलिस हत्या के आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाने और शिकायतकर्ताओं को प्रताड़ित करने का प्रयास कर रही है।हालांकि, इस मामले में पुलिस अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है। शिकायत की सत्यता और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल मामला पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में है और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

थाना प्रभारी पर लग चुके हैं रैप की कोशिश के आरोप

आदिवासी महिला की बेरहमी से पिटाई करने के मुख्य किरदार बरही थाना प्रभारी अरविंद चौबे पर इससे पहले भी संगीन आरोप लग चुके हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो अरविंद चौबे जब भोपाल के गोपालगंज थाना के प्रभारी थे तब उन पर रेप पीड़ित युवती पर बयान बदलने का दबाव बना रहे थे वहीं जब सफल नहीं हुए तब युवती से रेप की कोशिश करने के गंभीर आरोप लगे। हालांकि पुलिसिया प्रभाव के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button