बस एक पत्र और एक झटके में 27 लोगों की छिन गई नौकरी
जेपी इंडस्ट्रियल मेडिकल सर्विस के कर्मचारियों ने की कलेक्टर से शिकायत

सतना। जय प्रकाश एसोसिएशन लिमिटेड की इकाई ‘जय प्रकाश इंडस्ट्रियल मेडिकल सर्विस लिमिटेड’ के कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने एक पत्र दिया और करीब 27 लोगों को नौकरी से निकाल दिया। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें बिना किसी ठोस कारण और पूर्व सूचना के नौकरी से निष्कासित किया जा रहा है और लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
पीड़ित कर्मचारियों ने एक शिकायती पत्र के माध्यम से अपनी आपबीती साझा की है, जिसमें कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए है।शिकायतकर्ताओं के अनुसार, वे सभी भिलाई जे.पी. सीमेंट प्लांट, बाबूपुर सतना में पिछले 19-20 वर्षों से निरंतर कार्यरत हैं। ये कर्मचारी फायर, मेडिकल, सिक्योरिटी और मेस जैसी आवश्यक सेवाओं में रेगुलर कैडर के तहत अपनी भूमिका निभा रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी के प्रबंधक महेश शंकर त्रिपाठी द्वारा उन पर लगातार इस्तीफा देने का दबाव बनाया जा रहा है। विरोध करने पर उन्हें मौखिक रूप से धमकियां दी जा रही हैं कि उनका ‘पंच’ (अटेंडेंस सिस्टम) बंद कर दिया जाएगा। ड्यूटी पूरी करने के बाद भी उन्हें रजिस्टर में अनुपस्थित दर्ज कर दिया जाएगा।
कर्मचारियों ने पत्र में बताया कि प्रबंधन द्वारा अब मौखिक रूप से यह दावा किया जा रहा है कि वे ‘महाभद्रा कंस्ट्रक्शन’ के कर्मचारी हैं। हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि पिछले 20 वर्षों के सेवाकाल में उन्हें कभी भी इस संबंध में कोई लिखित या मौखिक जानकारी नहीं दी गई। उनके जॉइनिंग लेटर से लेकर प्रमोशन लेटर तक, सभी दस्तावेज जय प्रकाश इंडस्ट्रियल मेडिकल सर्विस के ही है। लगातार मिल रही धमकियों और नोटिसों के कारण कर्मचारी और उनके परिवार गहरे मानसिक तनाव में हैं। कर्मचारियों ने उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की न्यायोचित विवेचना करने और उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि उनकी नौकरी सुरक्षित रह सके और उनके परिवारों का भरण-पोषण सुचारू रूप से हो सके।



