18 साल बाद पार हुई बरगी के पानी की बाधा, जानें पानी लाने के लिए किसने किए भागीरथी प्रयास…
स्लीमनाबाद की 11.95 किमी लंबी टनल का निर्माण मंगलवार की रात पूरा, अक्टूबर-नवंबर 2026 तक सतना में नर्मदा पानी पहुंचने की नई समयसीमा तय

सतना। विंध्य क्षेत्र के तीन जिलों के 885 गांवों को बरगी का पानी उपलब्ध कराने की सबसे बड़ी बाधा स्लीमनाबाद टनल अंतत: बनकर तैयार हो गई। प्रोजेक्ट की शुरूआत सात्र 2007-08 में हुई, जिसके करीब 18 साल बाद वह समय आया जब तीनों जिलों तक पानी पहुंचने का रास्ता तैयार हुआ। अब सब की निगाहें उस दिन पर टिकी हैं जब टेस्टिंग के लिए नर्मदा का पानी छोड़ा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इस परियोजना के तहत सतना, मैहर और रीवा जिले के 885 गांवों की 1.63 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। करीब 25 एक्सटेंशन के बाद अब यह स्थिति निर्मित हुई कि पानी खेतों तक पहुंचाया जा सकता है। बताया जाता है कि कटनी जिले के स्लीमनाबाद में निर्माणाधीन बरगी टनल की खुदाई का कार्य मंगलवार 14 जुलाई की देर रात पूरा कर लिया गया। टनल की खुदाई का काम पूरा होने के बाद अब उम्मीद जागी है कि मां नर्मदा का जल जल्द ही विंध्य की पावन धरा पर आएगा। इस दिशा में पिछले कुछ समय से युद्ध स्तर पर प्रयास भी हो रहे थे, अब उस तय सीमा का इंतजार है जब पहली बार सिंचाई का पानी खेतों तक पहुंचेगा।
बरसात बाद हो सकती है टेस्टिंग
मां नर्मदा के जल से सतना में फसलें कब लहलाएंगी यह तो अभी भी भविष्य के गर्त में है लेकिन नर्मदा जल को लेकर तारीख पर तारीख की नौबत नहीं रह गई। वैसे बात करें तो इसके लिए तारीखों का यह सिलसिला पिछले दो से तीन सालों में 20 से 25 बार दी जा चुकी है। हर बार पानी आने की तारीख तो मिलती थी पर पानी नहीं आ पाता था। नर्मदा जल की वर्षों से राह देख रहे सतना-मैहर और रीवा जिले के लोगों को तारीख ही मिलती रही हंै। अब भी यह तय हो चुका है कि यही टनल में कोई तकनीकी दिक्कत नहीं हुई तो बरसात के बाद इसकी टेस्टिंग का काम हो सकता है।
अब अक्टूबर- नवम्बर की समय-सीमा
मां नर्मदा का जल सतना कब आएगा यह अब भी एक पहेली बना हुआ है। नर्मदा का जल सतना आने की एक और तारीख सामने आई है। इसमें दावा किया जा रहा है कि आने वाले अक्टूबर-नवम्बर माह तक नर्मदा का जल सतना आ सकता है। दावा किया जा रहा है कि स्लीमनाबाद में बन रही 11.95 किमी लम्बी टनल का काम पूर्ण हो गगा। टनल का कार्य पूर्ण होने के बाद जिले की सिंचाई सुविधाएं बढ़ेंगी। हालांकि कुछ रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि टनल का काम पूरा होने और नर्मदा का जल सतना आने में अभी लम्बा समय लग सकता है। यह समय 2027 और 2028 भी हो सकता है।
कैसा रहा बरगी के पानी का संघर्ष
बरगी का पानी सतना लाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। प्रोजेक्ट को मंजूरी दिलाने में नागौद विधायक नागेन्द्र सिंह के योगदान को कोई नकार नहीं सकता। उन्होंने नर्मदा घाटी मंत्री रहते हुए प्रोजेक्ट स्वीकृत कराया। निर्माण कार्य में जो भी तकनीकी दिक्कतें थी उन्हें दूर कराने का काम किया।
नागेन्द्र सिंह
इसके बाद जब प्रोजेक्ट पर संकट के बादल छाए तब पूर्व विधायक रामप्रताप सिंह ने इसे जनांदोलन का रूप देकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। वहीं इसके अलावा सांसद गणेश सिंह ने भी इस प्रोजेक्ट की सतत समीक्षा कर हमेशा प्रयासरत रहे।
गणेश सिंह
जब नरसिंहपुर पानी ले जाने का पूर्व विधायक रामप्रताप ने किया विरोध
विंध्य के खेतों के हिस्से का पानी एक समय के लिए दूर की कौड़ी दिखाई दे रहा था। टनल की आड़ में इस पानी को नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा ले जानी की पूरी तैयारी हो चुकी थी। तभी पूर्व विधायक रामप्रताप सिंह ने नर्मदा जल लाओ संघर्ष समिति की अगुवाई करते हुए पुरजोर विरोध शुरू कर दिया। जिसके बाद सरकार ने टनल निर्माण के काम को गति देने का वादा किया। लंबे संघर्ष के बाद इस दिशा में काम शुरू हुआ। कई बार टनल निर्माण के दौरान हादसे हुए, लेकिन सरकार ने काम रुकने नहीं दिया। यदि पूर्व विधायक रामप्रताप सिंह ने सक्रियता नहीं दिखाई होती तो शायद टनल की आड़ में सतना के हिस्से के पानी पर कैंची चल चुकी होती।
राम प्रताप सिंह 
किस जिले में कितनी जमीन होगी सिंचित
सतना जिला
05 विकासखंड
560 गांव होंगे लाभान्वित
1 लाख 5 हजार 718 हैक्टेयर आराजी होगी सिंचित
72 गांव रामपुर विकासखंड के
13 हजार 847 हैक्टेयर आराजी होगी सिंचित
200 गांव नागौद विकासखंड के
29 हजार 477 हैक्टेयर आराजी होगी सिंचित
170 गांव सोहावल विकासखंड के
37 हजार 776 हैक्टेयर आराजी होगी सिंचित
105 गांव उचेहरा विकासखंड के
19 हजार 772 हैक्टेयर आराजी होगी सिंचित
13 गांव मझगवां विकासखंड के
4 हजार 546 हैक्टेयर आराजी होगी सिंचित
मैहर जिला
02 विकासखंड
295 गांव होंगे लाभान्वित
53 हजार 937 हैक्टेयर आराजी होगी सिंचित
140 गांव मैहर विकासखंड
25 हजार 751 हैक्टेयर आराजी होगी सिंचित
155 गांव अमरपाटन विकासखंड के
28 हजार 186 हैक्टेयर जमीन होगी सिंचित
रीवा जिला
30 गांव के किसान होंगे लाभान्वित
03 हजार 532 हेक्टेयर आराजी होगी सिंचित



