हादसे ने छीन ली एक ही परिवार की पांच जिंदगियां… श्मशान में एक साथ जलीं पांच चिताएं, फूट-फूटकर रोया परिवार
जन्मदिन की खुशियां मातम में बदलीं, तेज रफ्तार कार ट्रक में घुसी; पांच युवकों की मौत, एक जिंदगी और मौत से जूझ रहा

खुशियों से शुरू हुई एक रात कुछ ही घंटों में ऐसी त्रासदी में बदल गई जिसने पूरे मैहर जिले को गहरे शोक में डुबो दिया। सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात नेशनल हाइवे-30 पर हुए भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच युवकों की मौत हो गई। मंगलवार को जब पांचों की अर्थियां एक साथ उठीं और श्मशान घाट पर पांच चिताएं एक साथ जलीं, तो वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं। हर तरफ चीख-पुकार, सिसकियां और अपनों को खोने का दर्द ही दिखाई दे रहा था।
सतना। यह दर्दनाक हादसा सोमवार रात करीब दो बजे मैहर जिले के नादन देहात थाना क्षेत्र के रिगरा गांव के पास हुआ। अमरपाटन जनपद उपाध्यक्ष मनोज पटेल का जन्मदिन मनाकर लौट रहे छह युवक महिंद्रा एक्सयूवी-700 से घर लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी युवक अंदर ही फंस गए। हादसे में अंकुर पटेल 40 वर्ष, मृदुल पटेल 32 वर्ष, विजय पटेल 30 वर्ष, हरिशंकर पटेल 25वर्ष और शिवा पटेल 23 वर्ष की मौके पर ही मौत हो गई। कार में सवार ओम पटेल गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें पहले अमरपाटन सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जबलपुर रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। मृतकों में अंकुर पटेल और मृदुल पटेल पूर्व विधायक लाल जी भाई पटेल के पोते थे। विजय पटेल और हरिशंकर पटेल सगे भाई थे और परिवार के ही सदस्य थे। इस एक हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं।

कार को काटकर निकाले गए शव
हादसे की सूचना मिलते ही डायल-112 हाइवे पेट्रोलिंग और नादन देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और युवक उसमें बुरी तरह फंस गए थे। पुलिस और रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला लेकिन तब तक पांच युवकों की सांसें थम चुकी थीं। ट्रक चालक चितरंजन दास चंदेल ने बताया कि उसका ट्रक करीब 40 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहा था। अचानक पीछे से तेज धमाका हुआ। उसने बताया कि एक्सयूवी बेहद तेज गति में थी और सीधे ट्रक में आ घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक के पीछे के दोनों टायर फट गए, हालांकि ट्रक पलटने से बच गया। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और चालक द्वारा वाहन पर नियंत्रण खो देना दुर्घटना का प्रमुख कारण माना जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मंगलवार को गम में डूब गया मैहर
मंगलवार सुबह जैसे ही पांचों युवकों के शव उनके गांव पहुंचे पूरा इलाका शोक में डूब गया। घरों से उठती चीख-पुकार सुनकर हर किसी की आंखें भर आईं। जिन घरों में कुछ घंटे पहले खुशियों की बातें हो रही थीं वहां अब मातम पसरा हुआ था। अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। सड़कें लोगों की भीड़ से भर गईं। हर कोई नम आंखों से अपने गांव के बेटों को अंतिम विदाई देने पहुंचा।
एक साथ जलीं पांच चिताएं हर आंख हुई नम
श्मशान घाट पर जब पांचों युवकों का अंतिम संस्कार किया गया तो माहौल बेहद भावुक हो गया। एक साथ पांच चिताओं से उठती लपटों ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। विजय पटेल को उनके चचेरे भाई शिवा पटेल ने मुखाग्नि दी जबकि हरिशंकर पटेल को उनके चचेरे भाई अनीश पटेल ने अंतिम विदाई दी। अंकुर पटेल की चिता को उनके छोटे भाई अंकित पटेल ने मुखाग्नि दी वहीं मृदुल पटेल का अंतिम संस्कार उनके चचेरे भाई लाला भैया ने किया। इसके साथ ही संजीव (शिवा) पटेल का अंतिम संस्कार मैहर के नरौरा में किया गया। परिवार के सदस्य बार-बार बेसुध हो रहे थे और वहां मौजूद लोगों की आंखों से भी आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। इस दुखद घड़ी में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, रिश्तेदार और आसपास के गांवों के लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।
क्या करते थे पांचों युवक
अंकुर पटेल – खेती के साथ व्यवसाय करते थे।
मृदुल पटेल – वेयरहाउस का संचालन करते थे।
विजय पटेल – जबलपुर में नौकरी करते थे।
हरिशंकर पटेल – खेती-किसानी से जुड़े थे।
शिवा पटेल – निजी नौकरी करते थे।




