एमएलबी स्कूल में बड़ा हादसा: पेड़ गिरने से बाउंड्री ढही, मालवे में दब गई तीन छात्राएं…
स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू कर पहुंचाया अस्पताल

सतना। शहर के हृदय स्थल स्थित बाजार क्षेत्र में संचालित पीएमश्री महारानी लक्ष्मीबाई (एमएलबी) बालिका विद्यालय में गुरुवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। विद्यालय की बाउंड्री वॉल अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में एक छात्रा सहित तीन लोग मलबे में दब गए, जबकि पास में खड़े तीन वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विद्यालय परिसर के समीप स्थित एक पेड़ अचानक गिर गया। पेड़ के गिरने से बाउंड्री वॉल का बड़ा हिस्सा भी ढह गया और उसके नीचे मौजूद लोग मलबे में दब गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया और मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और अन्य जिम्मेदार लोग भी मौके पर पहुंचे।
हादसे में खुशी यादव (24 वर्ष), निवासी कोलगवां, प्रांशी रजक (16 वर्ष) तथा अनुराग (13 वर्ष) घायल हुए हैं। बताया गया कि खुशी यादव अपनी परिचित प्रांशी रजक का एमएलबी विद्यालय में प्रवेश कराने आई थी। प्रवेश संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों सड़क किनारे ऑटो का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान वे एक स्ट्रीट फूड ठेले के पास खड़े थे, तभी पेड़ गिरा और उसके साथ बाउंड्री भी ढह गई। मलबे की चपेट में आने से तीनों घायल हो गए।
स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार खुशी यादव को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि प्रांशी रजक और अनुराग को सामान्य चोटें लगी हैं। तीनों का उपचार जारी है।
हादसे में बाउंड्री से सटे तीन वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद विद्यालय परिसर में दहशत का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।
इस संबंध में विद्यालय के प्राचार्य मिथलेश साहू से संपर्क कर जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। घटना के बाद बाउंड्री वॉल की गुणवत्ता, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोग मामले की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
शाला विकास का पैसा कहां जा रहा
शहर के विद्यालय की बाउंड्री क्षतिग्रस्त हुई। ज्ञात हो विद्यालयों के द्वारा हर साल बच्चों से शाला विकास के नाम पर पैसे वसूले जाते हैं। यहां करीब ढाई हजार छात्राएं अध्यनरत हैं। हर साल लगभग ₹400 की वसूली शाला विकास के नाम पर की जाती है। बावजूद इसके किसी प्रकार का मेंटेनेंस विद्यालय प्रांगण या फिर बाउंड्री वाल का नहीं कराया जाता जिसके चलते बरसात के मौसम में यह हादसे हो रहे हैं।



