
सतना। स्मार्ट सिटी का तमगा हासिल कर चुके सतना में विकास कार्यों की रफ्तार भले तेज दिखाई देती हो, लेकिन कार्यों की योजना और क्रियान्वयन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। शहर में सड़कों की खुदाई और निर्माण कार्यों का तरीका आज भी पुराने ढर्रे पर चलता नजर आता है। न तो काम शुरू करने से पहले समुचित योजना बनाई जाती है और न ही निर्धारित समय सीमा में उसे पूरा किया जाता है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि खुदाई के बाद सड़कों का रिस्टोरेशन महीनों तक नहीं किया जाता, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ता है।
ताजा मामला रीवा रोड फ्लाईओवर प्वाइंट से क्राइस्ट ज्योति स्कूल तक के मार्ग का है। स्कूलों के खुलने और बारिश के मौसम की शुरुआत के बावजूद इस सड़क को खोद दिया गया है। ऐसे समय में जब रोजाना सैकड़ों छात्र, अभिभावक और स्थानीय निवासी इस मार्ग का उपयोग करते हैं, सड़क की खुदाई ने आवागमन को मुश्किल बना दिया है। बरसात के कारण सड़क पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बनने लगी है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि संबंधित विभागों ने थोड़ी दूरदर्शिता दिखाई होती तो यह कार्य स्कूलों की छुट्टियों में कराया जा सकता था। सवाल यह है कि जब शहर को स्मार्ट बनाने का दावा किया जा रहा है तो फिर विकास कार्यों में स्मार्ट प्लानिंग क्यों नहीं दिखाई देती? फिलहाल नागरिकों की यही मांग है कि काम जल्द पूरा कर सड़क को दुरुस्त किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।



