Uncategorizedमध्य प्रदेशसतना

वन रक्षक भर्ती घोटाले का आरोपी बरी, थाने से गायब हो गए अहम सबूत…

13 साल पुराने केस का आया फैसला, कोर्ट ने दिए एसपी को जांच के आदेश

सतना। कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर वन रक्षक परीक्षा देने के आरोप में मुन्नाभाई बता कर पकड़े गए एक अभ्यर्थी के खिलाफ सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश मुकेश कुमार यादव की कोर्ट में कोलगवां पुलिस जालसाजी के दस्तावेज नहीं पेश कर पाई। अदालत में अभियोजन फेल होने पर आरोपी साल्वर दोष मुक्त हो गया। अदालत ने यह माना कि अभियोजन आरोपियों के विरुद्ध संदेह से परे आरोप प्रमाणित नहीं कर सका।

क्या था मामला

प्रकरण में आरोपियों की ओर से उपस्थित अधिवक्ता अरुण सेन ने बताया कि निजी विद्यालय में आयोजित वनरक्षक परीक्षा के केन्द्राध्यक्ष सुभाषचन्द्र जैन ने परीक्षार्थी हेमंत गौतम के स्थान पर सुदीप राय को परीक्षा देने पर कोलगवां थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। फर्जीवाड़े के आरोप पर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भादवि की धारा 419, 468, 120बी और मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम की धारा 3/4 का प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस ने आरएएसए फार्म, प्रवेश पत्र, हस्ताक्षर नमूना और परीक्षा से संबंधित दस्तावेज जब्त किए थे। विवेचना के बाद प्रकरण अदालत में पेश किया था।

गायब हो गए दस्तावेज

थाना पुलिस ने विवेचना के बाद अभियोग पत्र अदालत में पेश किया, लेकिन साक्ष्य के दौरान जब्तशुदा महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रकरण में संलग्न नहीं होने पर अदालत ने दस्तावेज तलब किया, लेकिन थाना पुलिस ने दस्तावेज पेश नहीं किया। कोर्ट ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए कोलगवां थाना पुलिस को कई बार पत्र प्रेषित कर दस्तावेज तलब किए गए। पत्र पर कोलगवां थाना प्रभारी ने 17 दिसंबर 2025 को पत्र क्रमांक 2327/2025 कोर्ट में पेश कर बताया कि अभिलेख फॉरेंसिक जांच के लिए जिला मुख्यालय भोपाल भेजे गए थे। वहीं फॉरेंसिक से जानकारी दी गई कि दस्तावेजों को 14 जून 2013 को ही वापस किया गया है, जिसकी जानकारी थाने में दर्ज है। कोर्ट ने प्रकरण का सूक्ष्म परिशीलन कर महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्य थाना पुलिस द्वारा प्रस्तुत नहीं किए जाने पर आरोपियों को दोषमुक्त किए जाने का निर्णय सुनाया है।

एसपी को दिए कार्रवाई के निर्देश

कोर्ट ने महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक सतना को निर्णय की प्रति प्रेषित किए जाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने महत्वपूर्ण दस्तावेजों के गुमने पर संज्ञान लेकर जांच कर दोषियों के विरुद्ध सम्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button