
सूरजपुर : जनगणना 2027 : डिजिटल तकनीक से होगी देश की गिनती, स्व-गणना पोर्टल से घर बैठे दर्ज करें अपना विवरण
सूरजपुर
कलेक्टर श्री एस जयवर्धन भारत में जनगणना 2027 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस बार की जनगणना पूर्णतः डिजिटल तकनीक पर आधारित होगी, जो इसे पहले की तुलना में अधिक सटीक, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाएगी।
दो चरणों में होगी जनगणना
जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहले चरण में हाउस लिस्टिंग अर्थात् मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जाएगी, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी। पहले चरण में निर्धारित प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।
स्व-गणना पोर्टल — घर बैठे भरें अपना विवरण
इस बार नागरिकों को एक विशेष सुविधा दी जा रही है — स्व-गणना पोर्टल (Self Enumeration Portal)। इसके माध्यम से परिवार का मुखिया या कोई भी सदस्य पोर्टल पर जाकर अपने घर और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी स्वयं भर सकता है। यह सुविधा संबंधित राज्य में मकान सूचीकरण कार्य शुरू होने से 15 दिन पहले उपलब्ध होगी और 15 दिनों तक ही सक्रिय रहेगी।
ध्यान रखें — एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही घर का लॉगिन संभव है और मुखिया का नाम एक बार दर्ज होने के बाद बदला नहीं जा सकता।
स्व-गणना पोर्टल पर एंट्री की प्रक्रिया:-
पोर्टल खोलकर अपना राज्य या केंद्र शासित प्रदेश एवं कैप्चा भरें। इसके बाद स्वागत स्क्रीन आगे के चरणों का मार्गदर्शन करेगी। परिवार की मुखिया अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज कर अपनी भाषा चुनें, फिर ओटीपी से सत्यापन होगा। मानचित्र पर अपने घर का स्थान चिह्नित करना आवश्यक है। तत्पश्चात् एचएल प्रश्नावली का प्रारूप खुल जाएगा, जिसमें अधिकांश प्रश्न विकल्प आधारित होंगे। फोनेटिक एवं वर्चुअल कीबोर्ड भी उपलब्ध रहेगा। यदि कोई जानकारी छूट जाए तो सिस्टम स्वयं संकेत देगा। सभी विवरण भरने के बाद ड्राफ्ट सहेजें, आवश्यकता हो तो संशोधन करें और अंत में अंतिम रूप से जमा करें।
सबमिशन के बाद 11 अंकों का SCID नंबर प्रदर्शित होगा, जो एसएमएस के माध्यम से भी प्राप्त होगा। जब प्रगणक घर पर आएं तो यह SCID नंबर उनके साथ साझा करें।
जिला प्रशासन की अपील:-
कलेक्टर श्री एस जयवर्धन ने सूरजपुर जिले के समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना में सक्रिय भागीदारी निभाएं और स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अपना विवरण समय पर दर्ज कराएं। आपकी सही और पूर्ण जानकारी से देश की वास्तविक तस्वीर सामने आती है और सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचता है।



