अर्शदीप सिंह का तूफान! बुमराह पीछे छूटे, ट्रेंट बोल्ट का रिकॉर्ड ध्वस्त

नई दिल्ली
भारतीय टीम ने गुरुवार को अपने दूसरे सुपर-8 मुकाबले में जिम्बाब्वे को 72 रनों से हराया। इस जीत के साथ भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंचने के काफी करीब पहुंच गई है। चेन्नई में खेले गए मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने धमाकेदार प्रदर्शन किया और पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 256 रन बनाए, जो इंडिया का अब तक का सबसे बड़ा टोटल और टी20 वर्ल्ड कप का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर था। हालांकि ज्यादातर गेंदबाजों ने निराश किया और खूब रन लुटाए। वहीं अर्शदीप सिंह ने अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया और मैच में तीन विकेट लेकर बुमराह के साथ बोल्ट का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया।
अर्शदीप सिंह भारत के लिए टी20 विश्व कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं। अर्शदीप ने गुरुवार को टी20 विश्व कप के सुपर-8 मुकाबले में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन विकेट चटकाए। अर्शदीप ने 4 ओवर में 24 रन देकर तीन विकेट लिए। इसके साथ ही वह भारत के लिए टी20 विश्व कप में 35 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने जसप्रीत बुमराह को पीछे छोड़ा। बुमराह ने 33 विकेट झटके हैं। अर्शदीप सिंह ने 19, जबकि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने 23 मैचों में इतने विकेट चटकाए हैं।
भारत के पूर्व स्पिनर अश्विन इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं। उनके नाम 24 मैचों में 32 विकेट हैं। हार्दिक पांड्या ने 29 मैचों में 29, जबकि रविंद्र जडेजा ने 30 मैचों में 20 विकेट लिए हैं। वह टी20 विश्व कप के इतिहास में बतौर बाएं हाथ के गेंदबाज सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड के स्टार क्रिकेटर ट्रेंट बोल्ट का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 34 विकेट लिए हैं।
भारत ने आईसीसी टी20 विश्व कप के सुपर आठ के एकतरफा मैच में जिम्बाब्वे को 72 रन से रौंदकर सेमीफाइनल में जगह बनाने की उम्मीदों को जीवंत रखा। भारत की जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ने ग्रुप एक से सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया। भारत और वेस्टइंडीज के बीच रविवार को होने वाले मैच से ग्रुप से सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली दूसरी टीम का फैसला होगा।
भारत के 257 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की टीम सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट (नाबाद 97 रन, 59 गेंद, छह छक्के, आठ चौके) के अर्धशतक और कप्तान सिकंदर रजा (31) के साथ उनकी तीसरे विकेट की 72 रन की साझेदारी के बावजूद कभी लक्ष्य के करीब पहुंचने की स्थिति में भी नहीं दिखी और छह विकेट पर 184 रन ही बना सकी।



